December 10, 2014

आँखों में आंसूं आ गये ऐसा लगा की वो कजरी नही, मैं हूँ

१६ दिवसीय अभियान के अंतर्गत लखनऊ के बक्शी के तालाब ब्लाक के पांच ग्राम पंचायत में १ दिसम्बर से लेकर ५ दिसम्बर तक नुक्कड़ नाटक, “कजरी” का आयोजन किया गया. इन पांच ग्राम पंचायत के मजरों में नुक्कड़ नाटक के जरिये समुदाय के लोगों को लिंग भेदभाव, महिला हिंसा पर...

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१६ दिवसीय अभियान के अंतर्गत लखनऊ के बक्शी के तालाब ब्लाक के पांच ग्राम पंचायत में १ दिसम्बर से लेकर ५ दिसम्बर तक नुक्कड़ नाटक, “कजरी” का आयोजन किया गया. इन पांच ग्राम पंचायत के मजरों में नुक्कड़ नाटक के जरिये समुदाय के लोगों को लिंग भेदभाव, महिला हिंसा पर जानकारी दी गयी. लगातार ६ महीने से जमीनी स्तर पर ट्रेनिंग्स के माध्यम से लोगों को घरेलू हिंसा के मुद्दे पर जानकारी दी गयी जिसके फलस्वरूप जब ब्रेकथ्रू का घरेलू हिंसा रोको अभियान गावं गावं पंहुचा तो काफी लोगों ने, जिसमे खासतौर से पुरुषों ने सराहना की, और ये माना की घरेलू हिंसा जैसे मुद्दे को ख़तम करने के लिए सबको मिलकर प्रयास करना पड़ेगा और लड़कियों को शिक्षित करना होगा जिससे वो हिंसा की पहचान पाए और उसके विरोध में आवाज़ उठा पाए.

हाँ, कहीं कहीं थोड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा जैसे महिलाओं का अपने घरों की छतों पर खड़े होकर नुक्कड़ नाटक देखना, महिलाओं का ये बोलना की ये नाटक वहां दिखाए जहाँ लड़कियों को पढने नही जाने देते हैं. पुरषों का ये बोलना की हमारे गाव में ऐसा नही होता है सारी लडकियां पढने जाती हैं, और महिलाओं को तो वैसे ही सारे अधिकार मिले हुए हैं हमारे विरोध में बात करता है ये नाटक, इन तरह की कठिनाइयों और बातों से भी हमारी टीम व् नुक्कड़ नाटक के सदस्यों का हौसला नही टूटता और ब्रेकथ्रू के SCA जो गाव गाव जाकर समुदाय के लोगों को ब्रेकथ्रू संस्था के बारे में और काम के बारे में  बताते हैं वही इसका जवाब देते हुए बोलते हैं की, “ब्रेकथ्रू संस्था पुरुषों के खिलाफ नही काम करती वो काम करती है तो भेदभाव के खिलाफ, घरेलू हिंसा के खिलाफ. अगर ब्रेकथ्रू संस्था हम लड़कों के खिलाफ काम करती तो हम भी इसके साथ मिलकर अपना सहयोग न देते”

पहले दिन कुम्हरावा ग्राम पंचायत, चत्तुरपुर, दुसरे दिन परसहिया ग्राम पंचायत, ढोदेपुरवा, गणेशपुर तीसरे दिन भवानीपुर, हरसकरी, रमपुरवा, कुम्हरावा में लगने वाला मेला धनुष यज्ञ में नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गयी चौथे दिन लौधौली ग्राम पंचायत, मानपुर रजा और नगर चौन्गवा ग्राम पंचायत पांचवे दिन भीखमपुर, महिग्वा और पलाखपुर में नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गयी. “कजरी” नाटक के माध्यम से एक स्त्री के जीवन में जन्म के साथ और उसके बाद जीवन के विभिन्न पड़ावों पर उसके साथ होने वाली घरेलू हिंसा को दर्शाया गया. इन पाँचों दिन नुक्कड़ नाटक के माध्यम से तकरीबन १५०० लोगों को ने अपनी भागीदारी दी और लगभग २५०० लोगों को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पहुँच बनायी.

इसके साथ ही साथ कुछ युवा और समुदाय की महिलाओं व् पुरूषों ने बोला की नाटक के बाद हम पहचान पाए की हमेशा गलती एक औरत की नही होती. एक महिला नाटक पर अपनी राय देते हुए कहती है की, “कजरी को देखकर मेरे आँखों में आंसूं आ गये ऐसा लगा की वो कजरी नही मैं हूँ”. एक पुरुषनाटक पर अपनी राय देते हुए बोलते है की, “नाटक देख कर समझ आया की हम जो करते हैं हमारे बच्चे वही सीखते हैं, अगर अपने बच्चों को सही सीख देनी होगी तो हमे सबको बदलने से पहले खुद को बदलना होगा” एक लड़का अपनी राय देते हुए बोलता हैं की, “ लड़की छेड़ना गलत है जो लड़के ऐसा करते हैं उनकी वजह से हम लड़कों को भी एक ही नजर से देखा जाता है, लेकिन अब समझ आया की जो भी गलत हो उसके लिए आवाज़ उठानी ही होगी जैसे नाटक में कजरी को मारा जा रहा था तो सब लोग तमाशा देख रहे थे यहाँ पर तमाशा नही देखना है बल्कि आवाज़ उठानी है.”

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