1

ब्रेकथ्रू पिछले 5 साल से हरियाणा के चार ज़िलों – पानीपत, सोनीपत, रोहतक व झज्जर में लिंग भेदभाव व लिंग चयन को लेकर लोगों को जागरूक कर रहा है। हरियाणा में लड़कियों को दोयम दर्जे का माना जाता है जिस कारण लड़कियों से हर मामले में भेदभाव किया जाता है। यही कारण है कि हरियाणा का लिंग अनुपात पूरे देश में बेहद कम है। लेकिन सरकार के अभियान व ब्रेकथ्रू और दूसरे संस्थानों के प्रयासों का परिणाम अब दिखाई देने लगा है। ब्रेकथ्रू से जुड़े स्कूल व कॉलेज स्टूडेंट्स, समाज में बदलाव लाने की कोशिशें कर रहे हैं।

इसी कड़ी में राजाखेड़ी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्र मोहित ने एक नई शुरुआत की जब उसने अपने भाई-भाभी के घर बेटी पैदा होने की खुशी में कार्यक्रम करने का फैसला लिया। पुरानी रूढ़ियों से लड़ना आसान नहीं था। लेकिन मोहित ने अपने तर्कों से सबको सहमत किया और कुटानी रोड़ स्थित गांधी कॉलोनी में बेटी उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। थालियां बजाते, रैली निकालकर बेटियों का स्वागत किया गया। इसके बाद कुआं पूजन का कार्यक्रम किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए राजाखेड़ी के सभी सितारों ने जी तोड़ मेहनत की। बेटी उत्सव के कार्यक्रम की जानकारी पाकर टेंट हाउस ने खुशी-खुशी टेंट का सहयोग किया व कार्यक्रम में शामिल भी हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत में कुआं पूजन से पहले एक पारिवारिक आदमी ने कार्यक्रम को बाधित करने का प्रयास किया। उसकी नाराज़गी के डर से परिवार की हिम्मत भी जवाब देती नज़र आई। लेकिन जब हमने और सभी सितारों ने तर्क के साथ सबको समझाया तो सभी हमारी बात से सहमत हुए। इस कार्यक्रम में उस एरिया के और भी कई युवा साथ जुड़े और सहमत भी हुए। उन्होंने आगे भी कार्यक्रम में सहयोग करने की इच्छा जताई। आर्य कॉलेज वालंटियर्स से कुराड़ गाँव की पूजा, डिम्पल, कोमल और SP संजय शर्मा ने खूब सहयोग किया। म्यूज़िक पर कार्यक्रम में सहयोग करने के लिए लोहारी गाँव से नीरज सुबह से रिहर्सल में हमारे साथ शामिल रहे और सबसे अंत मे घर गए। सभी की मेहनत और लगन के कारण कार्यक्रम सफल रूप से सम्पन्न हुआ। मोहित ने अपने घर के खेत से मंगाई सब्जी खाने में बनवाई और सभी को बड़े प्यार से खाना खिलाकर भेजा। परिवार के लोगों ने बहुत आभार प्रकट किया और ब्रेकथ्रू टीम को इस सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम में ब्रेकथ्रू से जुड़े तारों की टोली के सितारों द्वारा बेटियों के महत्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बेटियों ने समाज से सवाल किया कि बेटियों के न मायके होते हैं और न ही ससुराल, फिर बेटियां किस घर के लिए बनाई गई हैं। एक अन्य गीत ‘बेखौफ आज़ाद जीना है मुझे’ में दिखाया गया कि लड़की को कितने भेदभावों का सामना करना पड़ता है और फिर कैसे समाज के लोगों की सोच बदलती है और बेटियों को भी बराबर का हिस्सेदार माना जाता है।

पानीपती ट्रस्ट के महासचिव, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी राममोहन राय जी ने नन्ही बिटिया का स्वागत करते हुए कहा:

‘बेटियों से ही समाज है। बेटियां ही वर्तमान हैं, बेटियां ही भविष्य है। बेटियों से ही घर और परिवार की रौनक है। आज बेटियां हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं।’

नारी तू नारायणी संस्था की अध्यक्षा सविता आर्या ने कहा:

‘इस तरह की सकारात्मक पहल बेहद ज़रूरी हैं। बेटियों के जन्म पर ख़ुशियाँ मनाकर ही हम बेटियों को बचा सकते हैं। बेटियां होंगी तभी ये देश और समाज बचेगा। ब्रेकथ्रू इस दिशा में बेहद अच्छा काम कर रहा है।’

इस अवसर पर पत्रकार सलीम खान, समाजसेवी कृष्णा कांता, भगत सिंह से दोस्ती मंच के संयोजक दीपक कथूरिया ने भी नव जन्मी कन्या को अपना आशीर्वाद दिया।

Meet our other change makers

Village Health and Nutrition Day in Maharajganj, Uttar Pradesh

बाधित वी.एच.एन.डी. सेवाओं को स्वास्थ्य कैंप के ज़रिये लोगों तक पहुंचाने की कोशिश

गाँव स्तर पर महिलाओं, बच्चों एवं किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वी.एच.एन.डी.) का बहुत महत्व…

READ MORE
Adolescents and Youth from areas where breakthrough works

Adolescents and Youth Lead the Way During Covid-19 Pandemic

The COVID-19 pandemic shook the entire world during 2020. When everything had come to a standstill, there was a momentum…

READ MORE
1

Taaron Ki Toli – The Seed of Change

Working with children is always amazing. Not only because they are impressionable, but because they are so receptive. They welcome…

READ MORE
1

How Muskan’s Story Is Inspiring Young Girls In Haryana Learn Martial Arts

Quiet and confident, 12-year-old Muskan loves Taekwondo! Unfortunately, her village Sheikhpur Khalsa has no place for her to learn. Read…

READ MORE
1

From Kudamau To Sundarnagar – Adolescents Who Strode Ahead With Their Campaign

In India, the changing geographical nomenclature is at times entrenched in vested interests of caste and sectarian politics. However, the…

READ MORE
1

सीखते सिखाते, हम चल पड़े हैं बदलाव के सफर पर।

ब्रेकथ्रू में कंसलटेंट पद पर कार्य करते हुए मुझे पूरे पांच साल हो गये हैं। मेरी ज़िंदगी के ये पांच…

READ MORE
1

The Fight To Go To School: Furkan and Anam’s Story

When we pulled into Furkan’s village Pathargarh (located in Panipat, Haryana), Furkan was waiting for us at the end of…

READ MORE
Do girls not have the right to contribute to the finances of a household?

क्या बेटियों को अपने माता-पिता की आर्थिक सहायता करने का हक नहीं ?

‘हम अपनी बेटी की कमाई नहीं खाते।’ ‘वो अपनी बेटी की कमाई खाते हैं।’ समाज की इस तरह के तीक्ष्ण…

READ MORE
1

She Oversees Over A Hundred Students Today: Komal’s Story

We’re first introduced to 23-year-old Komal, a Breakthrough Team Change Leader, with her bursting into tears.  We - the Breakthrough…

READ MORE
1

एक बुलंद आवाज़: विद्यावती, एक महिला प्रधान के जज़्बे की कहानी।

‘अपनी ज़बान संभाल कर बात करें! यदि यहाँ बैठना है तो मर्यादा बना कर रखें। आप यह क्यों कह रहे…

READ MORE
1

ब्रेकथ्रू जेनरेशन ने किया बेटी उत्सव का आयोजन

ब्रेकथ्रू पिछले 5 साल से हरियाणा के चार ज़िलों - पानीपत, सोनीपत, रोहतक व झज्जर में लिंग भेदभाव व लिंग…

READ MORE
1

From Photographs To Jeans, This Girl Didn’t Let The Patriarchy Beat Her!

Mansi is a resident of Saraiya village in Bakshi Ka Talaab. Her story shows how she gained the courage and…

READ MORE
1

Uma Devi And Her Daughters

‘I never regretted having only daughters….’ With tears in her eyes, Uma Devi embraced her daughter Nancy when she gave…

READ MORE
1

The Machhrauli Girls: Kicking Out Gender Norms

What would you say if you saw girls playing football in a state which has historically had one of the…

READ MORE
1

लिंग भेदभाव के खिलाफ एक शिक्षक की मुहीम

लैंगिक भेदभाव को मिटाने का संकल्प लिए हुए मास्टर रामबीर अपने पथ पर निरंतर अग्रसर हैं। लैंगिक भेदभाव की जड़ों…

READ MORE
1

When Comics Helped Children Tell Their Stories

‘Mudde ki Baat, Comics ke saath!' (Talking about issues, with the help of comics!)  The participants had different real life…

READ MORE
1

‘Koi Kaam Chota Ya Bada Nahi Hota’: Gaurav’s Story

Gaurav's journey with Breakthrough, which started in 2017, was instrumental in building his confidence and negotiation skills. Through his engagement…

READ MORE
1

A Look Into How Our Kishor-Kishori Melas Foster Intergenerational Dialogues

Breakthrough’s Kishor-Kishori melas are an annual community event that attempts to create an enabling environment for the adolescents.

READ MORE
1

बदलाव की तमन्ना

मीना (हरियाणा) द्वारा लिखित कासनी गांव जिला झज्जर का एक छोटा सा गांव है। झज्जर जिले से इसकी दूरी 21…

READ MORE
1

सपनों की उड़ान: एक किशोरी की कहानी

कहते हैं की अगर किसी को उसकी माँगी हुई चीज़ मिल जाए तो उसके लिए उससे बढ़कर कुछ नहीं हो…

READ MORE

Leave A Comment

One Comment

  • Yogendra

    April 19, 2019 Reply

    God job

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *