Impact Stories, हिंदी 21st February, 2019
सपनों की उड़ान: एक किशोरी की कहानी.

कहते हैं की अगर किसी को उसकी माँगी हुई चीज़ मिल जाए तो उसके लिए उससे बढ़कर कुछ नहीं हो सकता और अगर ऐसा किशोरावस्था में हो तो यह पल ताउम्र यादगार बन जाता है। ऐसा ही कुछ हुआ गोरखपुर जनपद के जंगल कौढ़िया ब्लॉक के बुढ़िया बारी गांव की किशोरी सीमा के साथ। सीमा क्लास 8 की छात्रा और ग्रामीण परिवेश में रहने वाली किशोरी है जो की अपने गांव मे ब्रेकथ्रू द्वारा चलाये जा रहे ‘दे ताली’ कार्यक्रम जो की किशोरों की सशक्तिकरण पर केंद्रित है, उसकी सदस्य भी है।

सीमा को उस वक़्त झटका लगा जब उसे ऐसी बात पता चली जो शायद वह अभी सुनने को तैयार नहीं थी। उसने यह बात ब्रेकथ्रू कार्यकर्ता रेखा शर्मा को बताई। उस वक़्त वह काफी उदास थी। रेखा द्वारा पूछने पर वह रोने लगी और काफी पूछने पर बताया की उसके माता पिता उसकी शादी करवा रहे हैं। इसी रविवार को लड़के वाले देखने आ रहे हैं। किंतु वह अभी शादी नहीं करना चाहती थी बल्कि पढ़ना चाहती थी।

इस उम्र में शादी होने से उसकी पढ़ाई पर तो असर पड़ेगा ही, साथ ही उसे स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी हो सकती है। यही सोचकर रेखा ने गांव की आशा कार्यकर्ता अनीता से बात की। दोनों लोगो ने मिलकर तय किया की इस विषय पर सीमा के अभिभावकों से बात की जाए। दोनों जब सीमा के घर पहुँची, तो उस समय केवल उसकी माँ ही मौजूद थीं। सीमा की माँ ने बात चलने पर बताया की उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है। उनका मानना था की अगर अभी से देर करेंगे तो कैसे होगा, बेटी जितनी जल्दी घर जाए उतना ही बढ़िया है। रेखा व अनीता के बार बार कम उम्र में शादी के दुषपरिणाम बताने पर वह अपने पति से बात करने के लिए राज़ी हुई।

रेखा की खुशी का कोई ठिकाना न रहा जब सितंबर माह में जाने पर उन्हे सीमा ने चहकते हुए बताया की  उसकी शादी कैनसील हो गई थी। जब सीमा की माँ ने अपने पति से बात की, सीमा ने भी हिम्मत जुटा कर खुल कर मना कर दिया और काफी सोच विचार के बाद सीमा के पिता जी मान गए। उन्होंने लड़के वालों को फोन कर कह दिया की वह अभी अपनी बेटी की शादी नहीं करेंगे। जब उनसे कारण पूछा गया तब उन्होंने बताया की वह सीमा को पढ़ा लिखा कर स्वावलंबी बनाना चाहते हैं।  

जब रेखा ने सीमा से पूछा की उसमे खुद से बात करने की हिम्मत कहाँ से आई, तो उसने कहा की रेखा से उसको यह हिम्मत मिली थी। इस कारण वह बिना डरे अपनी बात कह सकी। सीमा के माता पिता कहते हैं  की मेरी बेटी का जीवन बर्बाद होने से बच गया। आज सीमा अपने बीच की लड़कियों मे एक मिसाल है, जिससे दूसरे भी सीख ले सकते हैं।

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